छिन्नमस्ता महाविद्या- Chhinnamasta Mahavdiya


छिन्नमस्ता मां छिन्नमस्तिका की उपासना से भौतिक वैभव की प्राप्ति, वाद विवाद में विजय, शत्रुओं पर जय, सम्मोहन शक्ति के साथ-साथ अलौकिक सम्पदाएं मिलती हैं। इस पविवर्तन शील जगत का



भुवनेश्वरी महाविद्या- Bhuvneshwari Mahavidya


भुवनेश्वरी को आदिशक्ति और मूल प्रकृति भी कहा गया है। माता भुवनेश्वरी ऐश्वर्य की स्वामिनी हैं। देवी देवताओं की आराधना में इन्हें विशेष शक्ति दायक माना जाता हैं। ये समस्त



त्रिपुर भैरवी महाविद्या- Tripur Bhairavi Mahavidya


त्रिपुर भैरवी त्रिपुर भैरवी की उपासना से सभी बंधन दूर हो जाते हैं। यह बंदीछोड़ माता है। भैरवी के नाना प्रकार के भेद बताए गए हैं जो इस प्रकार हैं



तारा महाविद्या- Tara Mahavidya


तारा महाविद्या मे दूसरे स्थान पर हैं।  यह तांत्रिकों की प्रमुख हैं । तारने वाली कहने के कारण माता को तारा भी कहा जाता है। सबसे पहले महर्षि वशिष्ठ ने



काली महाविद्या- Kali Mahavidya


काली दस महाविद्या में प्रथम रूप है। माना जाता है माँ ने ये काली रूप दैत्यों के संहार के लिए लिया था। जीवन की हर परेशानी व दुःख दूर करने

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