○ अंबेडकर चौक पर खंभे से टकराई कार, कोई हताहत नहीं। ○ यातायात पुलिस द्वारा वाहन चेकिंग करने के दौरान 21 वाहनो के चालान बनाकर 3400 रुपये का जुर्माना बसूल किया ○ घटेरा में आरोग्य भारती का नि:शुल्क चिकित्सा शिविर आयोजित, बच्चों में दिखे डायबिटीज के लक्षण,250 मरीजों को मिला उपचार ○ त्योंदा रोड से श्री शांतिनाथ जैन मंदिर की स्थापना दिवस के उपलक्ष में निकला पालकी चल समारोह

अश्वत्थामा आज भी दिखाई देते हैं इस मंदिर में

By: एडिटर   22 September, 2012

 

ये है गुप्तेश्वर महादेव मंदिर जो की मध्यप्रदेश के बुरहानपुर के पास असीरगढ़ के किले मे स्तिथ है। यह मंदिर बहुत पुराना है। यहां तक पहुंचने का रास्ता दुर्गम है। मंदिर तक पहुंचने के लिए पैदल चढ़ाई करनी होती है। किंतु यहां पर पहुंचने पर विशेष आध्यात्मिक अनुभव होता है। मंदिर चारों ओर खाई व सुरंगो से घिरा है। इस मंदिर की सबसे रोचक बात ये है कि यहाँ पर महाभारत काल के गुरु द्रोणाचार्य के अमर पुत्र अश्वत्थाम आज भी खाई में बने गुप्त रास्ते से मंदिर में आते-जाते हैं, बो पास ही ताल मे स्नान करते हैं और फिर मंदिर मे शिव की उपासना करते हैं । इसके सबूत के रूप में मंदिर में सुबह गुलाब के फूल और कुमकुम दिखाई देते हैं। एक दो नहीं बल्कि कई लोगो ने अश्वत्थामा को यहाँ आते देखा है, जिन लोगो ने अश्वत्थामा को देखा है उनका कहना है कि कोई 18-20 फीट लंबा भयानक आदमी जंगल के रास्ते मंदिर कि ओर जाता है। लेकिन जेसे ही उसका पीछा करते है तो ग्रामीण मूर्छित होकर गिर जाते है। आपको बता दे कि अश्वत्थामा के माथे से मणि निकाल लेने से उनके माथे से लगातार खून बहता रहता है जो कि उन्हे श्राप मिला था। इस सच्चाई को झुठलाया नहीं जा सकता है क्योंकि जिस प्रकार अमरनाथ मे बो कबूतर का अमर जोड़ा आज भी देखा जाता है। उसी प्रकार अश्वत्थामा भी अमर हैं और मुक्ति पाने के लिए शिवजी की आराधना करने आते हैं। चूंकि महादेव देवो के भी देव हैं इसलिए देवता भी उनकी पूजा करते हैं।

Print Friendly

    Share


Facebook Page
Power Cut
अघोषित कटौती कुल 1 घंटे किसी भी समय

Check Your PNR

Ganjbasoda Poll

क्या गंजबासौदा जिला बनेगा ?

View Results

Loading ... Loading ...
:: Advertisement ::
:: Advertisement ::
:: Cricket Live Score ::
RDestWeb